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Shani Ketu Shrapit Dosa Puja

Shani Ketu Shrapit Dosa Puja

  • – श्रापित दोष के नकारात्मक प्रभाव को दूर करता है।
  • – पिछले जन्म के श्राप से मिलती है सुरक्षा।
  • – करियर और व्यवसाय में स्थिरता लाता है।
  • – प्रियजनों के साथ जुड़े रहने में मदद करता है।
  • – जीवन में भय और चिंता को दूर करता है।
  • – वैवाहिक जीवन में शांति और सद्भाव प्राप्त करने में मदद करता है।
  • – आपके संकल्प के आधार पर निजीकृत पूजा।
  • – लाइव वैदिक पूजा में शामिल होने का अवसर।
  • – वैदिक पंडितों की विशेषज्ञ टीम
  • – आपकी सुविधानुसार प्रामाणिक ऑनलाइन पूजा

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किसी व्यक्ति की कुंडली के एक ही घर में शनि और केतु की मौजूदगी को वैदिक ज्योतिष में श्रापित दोष के रूप में जाना जाता है। श्रपित शब्द किसी ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जिसे पिछले जन्म में बुरे कर्म के कारण शाप दिया गया हो। शनि – केतु श्रापित दोष वाले जातकों को करियर में बार-बार बदलाव, प्रियजनों से अलगाव, विवाह में कठिनाई और बच्चे के जन्म में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शनि केतु शापित दोष उनके प्लेसमेंट और संयोजन की डिग्री के आधार पर अलग – अलग परिणाम देता है। दोष के प्रतिकूल प्रभावों का प्रतिकार करने के लिए शनि केतु श्रापित दोष निवारण पूजा सबसे शक्तिशाली वैदिक पद्धति है।

  • – शनि केतु ग्रहण योग, जिसे कुंडली में शापित दोष के रूप में भी जाना जाता है, तब होता है जब कुंडली के एक ही घर में शनि और राहु ग्रह होते हैं।
  • – शनि केतु श्रापित दोष पूजा आपसे जुड़े सभी मुद्दों को हल करने में आपकी सहायता करेगी। शब्द श्रापित किसी ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जिसे शापित किया गया है, जो संभवतः पिछले जन्म में किए गए बुरे कर्मों के परिणामस्वरूप हुआ हो।
  • – कुंडली में इस दोष के होने पर व्यक्ति जीवन की विलासिता और सुख-सुविधाएं होने के बावजूद भी उनका आनंद नहीं ले सकता है।
  • – कुंडली में यह दोष किसी व्यक्ति द्वारा पिछले जन्म में किसी व्यक्ति को कोसने के कारण हो सकता है, या यह उसके द्वारा पिछले जन्म में जानबूझकर या अनजाने में किए गए किसी अशुभ कार्य के कारण हो सकता है।

शनि केतु ग्रहण दोष पूजा कैसे काम करती है?

  • – शनि केतु ग्रहण दोष निवारण पूजा में कलश और अन्य पांच आवश्यक देवताओं की पूजा शामिल है, जिनमें गणेश, शिव, मातृका, नवग्रह और प्रधान-देवता अर्थात शनि और केतु।
  • – पूजा में शनि के 23000 और केतु के 17000 बीज मंत्र का जाप पाठ शामिल है। फिर होम अर्थात हवन अनुष्ठान किया जाता है जिसमें घी, सीसम, जौ और भगवान शनि और केतु से संबंधित अन्य पवित्र सामग्री शनि के 2300 मंत्रों और केतु के 1700 मंत्रों का पाठ करते हुए अग्नि को अर्पित की जाएगी।
  • – आपकी कुंडली में श्रापित दोष के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए यज्ञ व होम एक शक्तिशाली उपाय है।
  • – सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए पूजा निकटतम सर्वोत्तम मुहूर्त पर, अर्थात केतु या शनि नक्षत्र में और शनिवार या मंगलवार को की जाएगी।
  • – वैदिक पूजा mypandit के विद्वान और शनि केतु ग्रहण दोष निवारण पूजा के अपार ज्ञान के साथ 5 पंडितों के एक समूह द्वारा पूरी की जाएगी इस पूरी पूजा प्रक्रिया का नेतृत्व एक गुरु पंडित करेंगे।
  • शिपिंग डीटेल

पूजा के बाद यंत्र, यज्ञ भस्म और पेंडेंट को कूरियर सेवा के माध्यम से आपके द्वारा उपलब्ध पते पर पहुंचा दिया जाता है। इन वस्तुओं की डिलीवरी भारत में 5 से 10 वर्किंग डेज और अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग 10 से 15 वर्किंग डेज में प्राप्त हो जाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • – पूजा कैसे होगी?

पूजा निम्नलिखित तरीके से की जाएगी:-

    • – आपके द्वारा शनि केतु ग्रहण दोष पूजा के लिए बुकिंग करने के बाद आपकी पूजा से संबंधित संपूर्ण जानकारी वरिष्ठ आचार्य से साझा की जाएगी।
    • – इसके बाद आचार्य आपकी निजीकृत पूजा के लिए एक उपयुक्त पंडित का चुनाव करेंगे और उचित समय का निर्धारण करेंगे। आपकी पूजा के लिए चयनित पंडित निर्धारित समय पर सिर्फ आपके लिए ही पूजा करेंगे।
    • – आपके लिए निर्धारित पंडित के साथ आपकी संपूर्ण जानकारी साझा की जाएगी, जिसके आधार पर वे आपकी पूजा के अनुसार पूजा संकल्प तैयार करेंगे। पूजा संकल्प किसी भी वैदिक पूजा का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, यह आपकी वांछित इच्छा को पूरा करता है। पूजा शुरू होने के पहले आपको एक फोन काॅल के माध्यम से पंडित जी के साथ जोड़ा जाएगा, जो आपको पूजा संकल्प दिलवाएंगे।
    • – यहीं से पूजा की शुरुआत होगी। आप गूगल मीट के माध्यम से इस पूजा में शामिल हो सकते हैं। जब पंडित जी पूजा कर रहे होंगे तब आपको अपने घर या मंदिर में किसी शांत स्थान पर बैठकर ओम नमः शिवाय”। मंत्र का निरंतर जाप करना होगा।
    • – पूजा संपन्न होने के बाद पंडित जी द्वारा आपको पुनः काॅल किया जाएगा, और पूजा के दौरान एकत्र की गई सकारात्मक उर्जा आपको हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस पद्धति को श्रेय दान या संकल्प पूर्ति के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया के बाद पूजा संपन्न हो जाती है।
  • क्या मेरी शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता होगी?

नहीं, इस प्रक्रिया की खूबसूरती यही है कि पूजा करते समय आपको शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।

  • इस पूजा को करने के लिए आपको किन जानकारियों की आवश्यकता है?

शनि केतु ग्रहण दोष पूजा करने के लिए हमें आपसे निम्नलिखित की जानकारियों की आवश्यकता होगी।

पूरा नाम, गोत्र (अनिवार्य नहीं), निवास का वर्तमान शहर जिसमें राज्य, देश और उद्देश्य का विवरण आदि शामिल हैं।

  • शनि केतु ग्रहण दोष पूजा कितनी देर चलेगी?

आम तौर पर, इसमें लगभग 5 से 6 घंटे लगते हैं। अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए जाप करने की सलाह दी जाती है।

  • आप मेरे लिए पूजा को कैसे निजीकृत करते हैं?

हम आपके लिए पूजा को निम्नलिखित तरीके से निजीकृत करते हैं –

    • – आपकी पूजा करने के लिए एक समर्पित पंडितजी को आवंटित किया जाता है। लगभग 5 से 6 घंटे तक वह केवल आपके लिए पूजा करते हैं।
    • – आप गूगल मीट के जरिए भी इस पूजा में लाइव शामिल हो सकते हैं। आपके द्वारा दिया गया उद्देश्य का कथन संकल्प का आधार है जिसे आपके पंडित जी आपकी पूजा शुरू होने से पहले आपको उच्चारित करने के लिए कहते हैं।
    • – पूजा के अंत में, आपको प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न आध्यात्मिक ऊर्जा को हस्तांतरित करने के लिए एक और फोन काॅल किया जाता है। इस प्रक्रिया को श्रेय दान या संकल्प पूर्ति के रूप में जाना जाता है।
  • इस पूजा को करने के बाद मैं कब परिणाम की उम्मीद कर सकता हूं?

शनि केतु ग्रहण दोष निवारण पूजा एक शक्तिशाली अनुष्ठान है, जो बहुत सारी सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। आपके “संकल्प” या उद्देश्य-कथन की शक्ति इस पूजा की प्रभावशीलता को प्रभावित करती है। जब यह पूजा पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ की जाती है, तो आप 2 से 3 महीने में परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं।

  • क्या मैं यह पूजा नियमित रूप से कर सकता हूं?

हां, यह पूजा मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए नियमित रूप से की जा सकती है –

    • – यदि संकल्प या उद्देश्य का कथन बहुत बड़ा है, तो आपके रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए आपको पर्याप्त आध्यात्मिक ऊर्जा देने के लिए केवल एक पूजा पर्याप्त नहीं हो। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको मासिक आधार पर पूजा दोहरानी पड़ सकती है।
    • – यदि ग्रहों की युति के नकारात्मक प्रभाव बहुत अधिक हों, तो आध्यात्मिक ऊर्जा की आवश्यकता अधिक होती है और उस स्थिति में भी पूजा की जा सकती है ।
    • – यदि आपकी जन्म कुंडली में कोई दोष या नकारात्मक प्रभाव है, तब तो वार्षिक आधार पर की जाने वाली पूजा भी आपके लिए अद्भुत काम कर सकती है।

आपकी स्थिति के आधार पर, परिणाम प्राप्त करने में कुछ महीने लग सकते हैं, लेकिन इसे नियमित रूप से करने से आपके लिए एक सकारात्मक रक्षक कवच का निर्माण होता है।

  • क्या पूजा करना रत्न, यंत्र या रुद्राक्ष जैसे अन्य उपायों से बेहतर है?

सामान्यतः, रत्न और रुद्राक्ष का उद्देश्य आजीवन होता है। जब वे पहने जाते हैं तो वे किसी विशेष ग्रह की शक्ति को बढ़ाते हैं। वहीं पूजा संबंधित ग्रह की ऊर्जा को सही दिशा में पुनर्निर्देशित और वांछित परिणाम प्राप्त करने के साथ ही किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए की जाती है। रत्न या रुद्राक्ष धारण करने और पूजा करने का संयोजन बहुत शक्तिशाली है, खासकर जब आप एक बड़ा लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं या प्रतिकूल ग्रहों के संयोजन के नकारात्मक प्रभावों से बचना चाहते हैं।

  • क्या इस पूजा से मेरे परिवार वालों को भी मदद मिलेगी?

हां, यह आपके परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों, दोस्तों, परिचितों, संक्षेप में आप से संबंधित सभी की मदद कर सकती है। हालांकि, पूजा से पहले आपको यह सलाह दी जाती है कि आप आपनी जन्म कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिष द्वारा अच्छे से विश्लेषण करवाएं ताकि यह जांचा जा सके कि विशेष ग्रह शांति पूजा आपके लिए आवश्यक है या नहीं।