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Rudrabhishekam Puja ( रुद्राभिषेक पूजा )

Rudrabhishekam Puja ( रुद्राभिषेक पूजा )

  • अपने मन की शांति बढ़ाएं।
  •  लाइलाज बीमारियों से बचाव पाएं।
  •  अपने भीतर के सभी भय और चिंता पर विजय प्राप्त करें।
  •  संतान से संबंधित समस्याओं का समाधान।
  •  आपके संकल्प के आधार पर निजीकृत पूजा।
  •  लाइव वैदिक पूजा में शामिल हों।
  •  वैदिक पंडितों की विशेषज्ञ टीम
  •  आपकी सुविधानुसार प्रामाणिक ऑनलाइन पूजा

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रुद्राभिषेक पूजा करने से आपको रुद्र के रूप में भगवान शिव की कृपा प्राप्त हो सकती है। पूजा के पीछे का इतिहास यह है कि भगवान राम ने रावण को हराकर सीता को पुनः प्राप्त करने के लिए लंका पहुंचने के लिए समुद्र पार करने से पहले रुद्राभिषेक किया था।

  •  ऑनलाइन रुद्राभिषेक पूजा के साथ भगवान शिव का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करें, यह भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का एक शक्तिशाली तरीका है।
  •  यह सभी ग्रहों के दोषों से छुटकारा पाने का अचूक उपाय है और कुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने में भी मदद करता है।
  •  यह सबसे शक्तिशाली पूजा मानी जाती है जो आपको स्वास्थ्य समस्याओं से बचाती है और आपको समृद्धि और खुशी का आशीर्वाद देती है।

रुद्राभिषेक पूजा कैसे काम करती है?

  •  वैदिक ज्योतिष के अनुसार रुद्राभिषेक पूजा दैवीय आशीर्वाद प्राप्त करने या भगवान शिव को धन्यवाद देने के सबसे सरल तरीकों में से एक है।
  •  भगवान शिव सभी नौ ग्रहों और समय को नियंत्रित करते हैं। इसलिए भगवान शिव को प्रसन्न करने से आपको एक स्पष्ट समझ मिलती है, और परेशान करने वाले ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों से छुटकारा मिलता है।
  •  वैदिक शास्त्रों के अनुसार, शुभ तिथियों पर पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता, आशीर्वाद और दैवीय ऊर्जा मिलती है।
  •  पूजा के दौरान एकत्र की गई सकारात्मक ऊर्जा आपको हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस पद्धति को श्रेय दान या संकल्प पूर्ति के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया के बाद पूजा संपन्न हो जाती है।

पूजा कैसे होगी?

पूजा निम्नलिखित तरीके से की जाएगी:- 

आपके द्वारा रुद्राभिषेक पूजा के लिए बुकिंग करने के बाद आपकी पूजा से संबंधित संपूर्ण जानकारी वरिष्ठ आचार्य से साझा की जाएगी। इसके बाद आचार्य आपकी निजीकृत पूजा के लिए एक उपयुक्त पंडित का चुनाव करेंगे और उचित समय का निर्धारण करेंगे। आपकी पूजा के लिए चयनित पंडित निर्धारित समय पर सिर्फ आपके लिए ही पूजा करेंगे। आपके लिए निर्धारित पंडित के साथ आपकी संपूर्ण जानकारी साझा की जाएगी, जिसके आधार पर वे आपकी पूजा के अनुसार पूजा संकल्प तैयार करेंगे। पूजा संकल्प किसी भी वैदिक पूजा का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, यह आपकी वांछित इच्छा को पूरा करता है। पूजा शुरू होने के पहले आपको एक फोन काॅल के माध्यम से पंडित जी के साथ जोड़ा जाएगा, जो आपको पूजा संकल्प दिलवाएंगे। यहीं से पूजा की शुरुआत होगी। आप गूगल मीट के माध्यम से इस पूजा में शामिल हो सकते हैं। जब पंडित जी पूजा कर रहे होंगे तब आपको अपने घर या मंदिर में किसी शांत स्थान पर बैठकर ओम नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जाप करना होगा। पूजा संपन्न होने के बाद पंडित जी द्वारा आपको पुनः काॅल किया जाएगा, और पूजा के दौरान एकत्र की गई सकारात्मक ऊर्जा आपको हस्तांतरित कर दी जाएगी। इस पद्धति को श्रेय दान या संकल्प पूर्ति के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया के बाद पूजा संपन्न हो जाती है।

क्या मेरी शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता होगी?

नहीं, इस प्रक्रिया की खूबसूरती यही है, कि पूजा करते समय आपको शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।

इस पूजा को करने के लिए आपको किन जानकारियों की आवश्यकता है?

रुद्राभिषेक पूजा करने के लिए हमें आपसे निम्नलिखित की जानकारियों की आवश्यकता होगी।

पूरा नाम, गोत्र (अनिवार्य नहीं), निवास का वर्तमान शहर जिसमें राज्य, देश और उद्देश्य का विवरण आदि शामिल हैं।

रुद्राभिषेक पूजा कितनी देर चलेगी?

आम तौर पर, इसमें लगभग 2 से 2.5  घंटे लगते हैं। अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए ओम नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जाप करने की सलाह दी जाती है।

आप मेरे लिए पूजा को कैसे निजीकृत करते हैं?

हम आपके लिए पूजा को निम्नलिखित तरीके से निजीकृत करते हैं – आपकी पूजा करने के लिए एक समर्पित पंडितजी को आवंटित किया जाता है। लगभग 2 से 2.5 घंटे तक वह केवल आपके लिए पूजा करते हैं। आप गूगल मीट के जरिए भी इस पूजा में लाइव शामिल हो सकते हैं। आपके द्वारा दिया गया उद्देश्य का कथन संकल्प का आधार है जिसे आपके पंडित जी आपकी पूजा शुरू होने से पहले आपको उच्चारित करने के लिए कहते हैं। पूजा के अंत में, आपको प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न आध्यात्मिक ऊर्जा को हस्तांतरित करने के लिए एक और फोन काॅल किया जाता है। इस प्रक्रिया को श्रेय दान या संकल्प पूर्ति के रूप में जाना जाता है।

इस पूजा को करने के बाद मैं कब परिणाम की उम्मीद कर सकता हूं?

रुद्राभिषेक पूजा एक बहुत ही शक्तिशाली प्रक्रिया है और यह काफी मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती है। आपके “संकल्प” या उद्देश्य के वक्तव्य की ताकत यह निर्धारित करती है कि यह कितना प्रभावी होगा। जब यह पूजा पूरी लगन और विश्वास के साथ की जाती है तो आपको 2 से 3 महीने के भीतर परिणाम मिल जाएगा।

क्या मैं यह पूजा नियमित रूप से कर सकता हूं?

हां, यह पूजा मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए नियमित रूप से की जा सकती है – यदि संकल्प या उद्देश्य का कथन बहुत बड़ा है, तो आपके रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए आपको पर्याप्त आध्यात्मिक ऊर्जा देने के लिए केवल एक पूजा पर्याप्त नहीं हो। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको मासिक आधार पर पूजा दोहरानी पड़ सकती है। यदि ग्रहों की युति के नकारात्मक प्रभाव बहुत अधिक हों, तो आध्यात्मिक ऊर्जा की आवश्यकता अधिक होती है और उस स्थिति में भी पूजा की जा सकती है । यदि आपकी जन्म कुंडली में कोई दोष या नकारात्मक प्रभाव है, तब तो वार्षिक आधार पर की जाने वाली पूजा भी आपके लिए अद्भुत काम कर सकती है। आपकी स्थिति के आधार पर, परिणाम प्राप्त करने में कुछ महीने लग सकते हैं, लेकिन इसे नियमित रूप से करने से आपके लिए एक सकारात्मक रक्षक कवच का निर्माण होता है।

क्या पूजा करना रत्न, यंत्र या रुद्राक्ष जैसे अन्य उपायों से बेहतर है?

सामान्यतः, रत्न और रुद्राक्ष का उदेश्य आजीवन होता है। जब वे पहने जाते हैं तो वे किसी विशेष ग्रह की शक्ति को बढ़ाते हैं। वहीं पूजा संबंधित ग्रह की ऊर्जा को सही दिशा में पुनर्निर्देशित और वांछित परिणाम प्राप्त करने के साथ ही किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए की जाती है। रत्न या रुद्राक्ष धारण करने और पूजा करने का संयोजन बहुत शक्तिशाली है, खासकर जब आप एक बड़ा लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं या प्रतिकूल ग्रहों के संयोजन के नकारात्मक प्रभावों से बचना चाहते हैं।

क्या इस पूजा से मेरे परिवार वालों को भी मदद मिलेगी?

हां, यह आपके परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों, दोस्तों, परिचितों, संक्षेप में आप से संबंधित सभी की मदद कर सकती है। हालांकि, पूजा से पहले आपको यह सलाह दी जाती है कि आप आपनी जन्म कुंडली किसी अनुभवी ज्योतिष द्वारा अच्छे से विश्लेषण करवाएं ताकि यह जांचा जा सके कि विशेष ग्रह शांति पूजा आपके लिए आवश्यक है या नहीं।